Golden Greek Tortoise: छत्तीसगढ़ में मिला दुर्लभ कछुआ

Golden Greek Tortoise का बिलासपुर में वन विभाग द्वारा रेस्क्यू

Golden Greek Tortoise :-छत्तीसगढ़ में हुवा चमत्कार ,  दुर्लभ एक गोल्डन ग्रीक केछुवा मिला , वन विभाग ने किया रेस्क्यू , अफ्रीका के शुष्क इलाको का है मूल निवास

Golden Greek Tortoise: शिवतराई : के पास सरैया रिसार्ट में एक दुर्लभ प्रजाति का गोल्डन ग्रीक कछुवा देखने को मिला । शिवतराई से वन वन अमला पंहुचा और अपने साथ रेस्क्यू को ले पंहुचा ।

बिलासपुर Golden Greek Tortoise : शिवतराई के पास सरैया रिसार्ट में एक अद्भुत प्रजाति मिला यह एक दुर्लभ जीव है । अलग तरह से दिखने वाले यह कछुवा पर नजर पड़ते ही उसकी  सुरक्षा को मद्दे नजर में रखते हुए रिसार्ट संचालक ने तुरंत रेस्क्यू वन विभाग वालो को तुरंत सूचित किया । शिवतराई  से अमला पंहुचा और साथ ले गया । कछुवा को उनके रहवास के अनुकूल एक सुरक्षित स्थान पर छोड़ा गया , यह पानी में नहीं रहता इसलिए उसे बड़े बड़े घास के पास छोड़ दिए ।

Golden Greek Tortoise का बिलासपुर में वन विभाग द्वारा रेस्क्यू
Golden Greek Tortoise: बिलासपुर के शिवतराई क्षेत्र में मिला दुर्लभ कछुआ, वन विभाग ने सुरक्षित स्थान पर छोड़ा।

भारत में नहीं मिलता यह दुर्लभ कछुवा

आश्चर्य की बात यह है की कछुवा भारत में नहीं पाया जाता । लेकिन इसका  रहवासीय क्षेत्र उत्तरी अफ्रीका , दक्षिणी यूरोप , और मध्य पूर्व के शुष्क इलाके है , यह कछुवा यहाँ कैसे पंहुचा ये हैरानी की बात है । यह तो स्पस्ट नहीं है , माना जा रहा है की किसी ने इसे पलने के लिए लाया रहा होगा बाद में जंगल के पास छोड़ दिया इसके बाद यह रिसार्ट पे पास जा पंहुचा होगा

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वन अमले ने घास के अनुकूल रहवास में उसे छोड़ा

हाला की इसकी रेस्क्यू करने के बाद इसकी जानकारी को खंगाला गया । इसके दौरान गोल्डन ग्रीक के नाम से पहचान हुई । भूमध्य सागरीय कछुवाओ का एक लोकप्रिय प्रजाति है । यह पिले सुनहरे रंग का खोल के नाम से जाने जाते है , इसका आकार लगभग 4 से 8 इंच तक होता है । इसका खोल हलके पिले या सुनहरे रंग का होता है ।

कछुवा का प्रिय आहार , हरी सब्जी और हरी घास

गोल्डन ग्रीक कछुवा मुख्य रूप से पूरा शाकाहारी होता है , इनका मुख्य आहार ताज़ी हरी सब्जिया और हरी घास जंगल की पत्तेदार सब्जी कंद मूल है । धुप के लिए बास्किंग लैम्प और विटामिन डी 3 के लिए यूवीबी लाइट , जरुरी है । इस प्रजाति का मिलना एक दुर्लभ है ेसे पहली बार देखने को मिला है ।

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शाकाहारी कछुवा देखकर उड़े होस

वन विभाग के अधिकारियों ने सरैया रिसोर्ट के संचालक तथा कर्मचारियों को वन्य प्राणियों की सुरक्षा के प्रति इस सजगतापूर्ण कार्य के लिए प्रशंसा भी की। साथ ही यह कहा कि इस मौसम में जीव जंतु बाहर निकल कर आते हैं और विचरण करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है।

 

 

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Author: kamlesh verma

कमलेश वर्मा एक डिजिटल पत्रकार, SEO कंटेंट राइटर और न्यूज़ कंटेंट क्रिएटर हैं। वे मौसम, कृषि, सरकारी योजनाओं, स्थानीय समाचार और जनहित से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक एवं आसान भाषा में लेख लिखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, भरोसेमंद और उपयोगी जानकारी समय पर पहुंचाना है। वे SEO-अनुकूल कंटेंट तैयार करने में भी विशेषज्ञता रखते हैं, जिससे पाठकों को विश्वसनीय समाचार और जानकारी आसानी से मिल सके।

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